समाचार और अपडेट
इमिग्रेशन से जुड़ी जानकारी, आसान भाषा में।
इमिग्रेशन वकील · ह्यूस्टन, टेक्सास · 2011 से
आनंद के. वर्मा भारतीय परिवारों और प्रोफेशनल्स का हर कदम पर साथ देते हैं — उस इंसान की समझ के साथ जिसने खुद यही सफर तय किया है।
पारिवारिक कानून
पति-पत्नी, माता-पिता, बच्चे। CR-1, IR-1, K-1 फ़िएंसे वीज़ा और फैमिली-बेस्ड ग्रीन कार्ड।
एम्प्लॉयमेंट
H-1B, L-1 ट्रांसफ़र, EB ग्रीन कार्ड। इंडिया बैकलॉग पर साफ़ और ईमानदार सलाह।
OCI
Overseas Citizenship of India के आवेदन, रिन्यूअल, और उनसे जुड़े US इमिग्रेशन मामले।
ह्यूमैनिटेरियन
नुकसान से बचकर आने वालों के लिए, और US में अपराध, तस्करी या दुर्व्यवहार झेल चुके लोगों के लिए सुरक्षा।
श्री वर्मा के बारे में
इमिग्रेशन वकील बनने से पहले, आनंद के. वर्मा ने भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग में 22 वर्षों तक वरिष्ठ अधिकारी के रूप में सेवा की — और फिर 2003 में स्वयं अमेरिका की यात्रा की। वे Bar Council of Delhi के सदस्य हैं और उन्होंने Southern Methodist University (SMU), Dallas से LL.M. किया है।
वे 2011 से अमेरिका में इमिग्रेंट्स को अपना जीवन बसाने में मदद कर रहे हैं — और सीधे English, हिंदी, ਪੰਜਾਬੀ और اردو में सलाह देते हैं। किसी इंटरप्रेटर की ज़रूरत नहीं।
इमिग्रेशन से जुड़ी जानकारी, आसान भाषा में।
सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवालों के सीधे जवाब।
US सिटिज़न अगर पति या पत्नी को स्पॉन्सर कर रहे हैं, तो आम तौर पर 12–24 महीने लगते हैं — I-130 पिटीशन फ़ाइल करने से लेकर इंडिया में US एम्बेसी से वीज़ा मिलने तक। ग्रीन कार्ड होल्डर्स के लिए सालाना कोटे की वजह से इंतज़ार ज़्यादा लंबा होता है।
US कानून के मुताबिक हर देश को सालाना एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड ग्रीन कार्ड का सिर्फ़ 7% हिस्सा मिलता है। इंडिया से मांग इस लिमिट से कहीं ज़्यादा है, इसलिए EB-2 और EB-3 में इंडियन नागरिकों को 10–20+ साल तक इंतज़ार करना पड़ सकता है। असल इंतज़ार आपकी प्रायोरिटी डेट और हर महीने आने वाले Visa Bulletin पर निर्भर करता है।
कई मामलों में हाँ — ख़ास तौर पर जब आपका I-485 180+ दिन से पेंडिंग हो (AC21 पोर्टेबिलिटी रूल)। नियम इस पर निर्भर करते हैं कि नई जॉब उसी या मिलती-जुलती फ़ील्ड में है या नहीं। कदम उठाने से पहले सलाह ले लेना कई साल की मेहनत बचा सकता है।
आम तौर पर चाहिए: पासपोर्ट, NVC केस नंबर और इंटरव्यू लेटर, सिविल डॉक्यूमेंट (बर्थ सर्टिफ़िकेट, मैरिज सर्टिफ़िकेट), पुलिस क्लीयरेंस, मेडिकल एग्ज़ाम रिपोर्ट, एफ़िडेविट ऑफ़ सपोर्ट (I-864), और स्पॉन्सर की फ़ाइनेंशियल जानकारी। हम आपके केस के हिसाब से चेकलिस्ट देते हैं।
कई रास्ते हो सकते हैं: Motion to Reopen या Reconsider फ़ाइल करना, AAO में अपील करना, मज़बूत डॉक्यूमेंट के साथ दोबारा फ़ाइल करना, या दूसरे ऑप्शन देखना (O-1, L-1)। सही रास्ता डिनायल की वजह पर निर्भर करता है — अपना नोटिस दिखाने के लिए हमसे संपर्क करें।
देखिए हमारे क्लाइंट्स क्या कहते हैं।
मिस्टर वर्मा ने मेरे पति के ग्रीन कार्ड में हर कदम पर हमारा साथ दिया। उन्होंने सब कुछ हिंदी में समझाया, ताकि मेरी सास भी समझ सकें।
एक कॉल में ग्रीन कार्ड बैकलॉग की पूरी तस्वीर साफ़ हो गई और एक असली प्लान मिला। H-1B पर पाँच साल में किसी एम्प्लॉयर ने यह कभी नहीं समझाया था।
ख़ुद इमिग्रेंट होने की वजह से मिस्टर वर्मा सच में समझते हैं कि हम किस दौर से गुज़रते हैं। उनकी सलाह प्रैक्टिकल और ईमानदार थी — वो नहीं जो मैं सुनना चाहता था।
उन्होंने मेरा EAD, रिलेटिव पिटीशन और ग्रीन कार्ड एप्लिकेशन फ़ाइल किया और सारी पेपरवर्क ख़ुद संभाली। कुछ भी दोबारा नहीं करना पड़ा, और सवाल पूछने पर वे हमेशा एक फ़ोन कॉल दूर थे।
उन्होंने मेरा EAD, रिलेटिव पिटीशन और ग्रीन कार्ड एप्लिकेशन फ़ाइल किया और सारी पेपरवर्क ख़ुद संभाली। कुछ भी दोबारा नहीं करना पड़ा, और सवाल पूछने पर वे हमेशा एक फ़ोन कॉल दूर थे।
ख़ुद इमिग्रेंट होने की वजह से मिस्टर वर्मा सच में समझते हैं कि हम किस दौर से गुज़रते हैं। उनकी सलाह प्रैक्टिकल और ईमानदार थी — वो नहीं जो मैं सुनना चाहता था।
एक कॉल में ग्रीन कार्ड बैकलॉग की पूरी तस्वीर साफ़ हो गई और एक असली प्लान मिला। H-1B पर पाँच साल में किसी एम्प्लॉयर ने यह कभी नहीं समझाया था।
मिस्टर वर्मा ने मेरे पति के ग्रीन कार्ड में हर कदम पर हमारा साथ दिया। उन्होंने सब कुछ हिंदी में समझाया, ताकि मेरी सास भी समझ सकें।
संपर्क
पहली सलाह मुफ़्त है। जो तरीका आपके लिए आसान हो, उसी से संपर्क करें।